मां तुम अतुलनीय हो
"मां तुम अतुलनीय हो"
मां शब्द सुनते ही न जाने कितने विस्मरण दिमाग में कौंध जाते हैं,,,वाकई मां शब्द ही ऐसा है,,
ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ कृतियों में से एक है,,
अथाह सागर की तरह ममता और स्नेह
समाहित है उसमें,,
कितना भी लिखूं शब्द का भंडार कम है इस ममतामई प्रतिमूर्ति के सामने,,
मां तुम अतुलनीय हो,,,
तुम्हारा एक स्पर्श न जाने कितने असाध्य दुखों को क्षण भर में मिटा देता है,,
तुम्हारा स्नेह से भरा आंचल मन के सारे संताप को हर लेता है,,
अपनी संतान के लिए कदम कदम पर त्याग
और उनकी खुशियों के लिए कुछ भी कर गुजर जाने का साहस तुममें प्रतिक्षण जीवंत है,,
मां तुम अतुलनीय हो,,,,
सब कुछ तुमसे ही है कल्पना नहीं किया जा सकता मां के बिना किसी घर की,,
जीवन का तुम वह कोहिनूर हो जिसके सामने हर व्यक्तिव की चमक फीकी है,,
तुम्हारे बिना सब कुछ अधूरा है.. मां..
सूखे रेगिस्तान में जिस तरह एक बूंद पानी बहुत मायने रखता है,,
जीवन में तुम्हारी महत्वता भी इसी के समान है..
तुम्हारे ना होने पर जीवन का एक एक क्षण बड़ी कठिनाई से व्यतीत होता है,,
वास्तव में तुम्हारा स्थान संपूर्ण जीवन में कोई नहीं ले सकता,,
कदर कीजिए उस मां की,,क्योंकि उसका स्नेह और दुलार जीवन में हर किसी को नसीब नहीं होता..
ईश्वर की जीवंत प्रतिमूर्ति है मां..
मां..तुम जैसा कोई दूसरा बना ही नहीं जिससे तुम्हारी तुलना की जा सके,,, "तुम अतुलनीय हो मां"...
तुम अतुलनीय हो..
(परम पूज्य मां जी के चरणों में समर्पित 🙏🙏)
अखंड मिश्र 'एके'✍️
(स्वरचित)
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kapil sharma
20-Jan-2022 08:53 PM
👍👍👍
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